संस्कृत शिक्षण में 'मौन पठन' (Silent Reading) का लाभ है:
उत्तर: (A) पठन गति बढ़ती है — मौन पठन (Silent Reading) से पठन गति बढ़ती है क्योंकि पाठक को उच्चारण नहीं करना पड़ता। यह बोध (comprehension) भी बढ़ाता है। सस्वर पठन (Loud Reading) उच्चारण सुधारता है।
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संस्कृत शिक्षण में 'मौन पठन' (Silent Reading) का लाभ है:
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