संस्कृत शिक्षण में 'व्याकरण-अनुवाद विधि' का दोष क्या है?

उत्तर: (D) मौखिक कौशल का विकास नहीं होता / Oral skills are not developedव्याकरण-अनुवाद विधि में मुख्य ध्यान व्याकरण नियमों और अनुवाद पर होता है, जिससे बोलने (मौखिक) और सुनने (श्रवण) के कौशल विकसित नहीं हो पाते। यह विधि निष्क्रिय है।

Level 2Easy
संस्कृत शिक्षण में 'व्याकरण-अनुवाद विधि' का दोष क्या है?
SanskritSanskrit Shikshan Vidhi

Sanskrit Shikshan Vidhi के सभी प्रश्न देखें

विषय देखें