'ण्' आगम (णत्व) का नियम किसने बताया?
उत्तर: (D) पाणिनि — पाणिनि ने अष्टाध्यायी में णत्व का नियम दिया: 'रषाभ्यां नो णः समानपदे' — ऋ, र, ष के बाद न → ण हो जाता है (same word, no intervening palatal/dental). जैसे: राम + अयन = रामायण.
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