'लभ्' धातु का कर्मवाच्य, लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन रूप है:
उत्तर: (D) लभ्यते — कर्मवाच्य (Passive) is formed by adding य before the तिङ् suffix: लभ् + य + ते = लभ्यते (is obtained). In passive voice, the object becomes the grammatical subject and the verb takes आत्मनेपद endings.
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