'हास्य रस' का स्थायी भाव है:

उत्तर: Bहास्य रस = हास (हँसी)। उदाहरण: "बंदर ने टोपी पहनी और नाचने लगा।" आलंबन (हास्य का कारण), उद्दीपन, अनुभाव (हँसना), व्यभिचारी भाव।

Level 2Easy
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