'विभावानुभावव्यभिचारिसंयुक्तः स्थायी भावो रसः' — यह परिभाषा किसकी है?

उत्तर: (D) रस / Rasयह भरतमुनि की रस-परिभाषा है (नाट्यशास्त्र)। जब स्थायी भाव (permanent mood) विभाव (cause), अनुभाव (effect), और संचारी/व्यभिचारी भाव (transitory feelings) से संयुक्त होता है, तब रस उत्पन्न होता है.

Level 2Medium
'विभावानुभावव्यभिचारिसंयुक्तः स्थायी भावो रसः' — यह परिभाषा किसकी है?
HindiHindi Sahitya - Ras

Hindi Sahitya - Ras के सभी प्रश्न देखें

विषय देखें