पियाजे का संज्ञानात्मक विकास
Child Development & Pedagogy
12
प्रश्न
6
वर्षों में
1
Easy
0
Hard
202420222021201820172015
विषय विश्लेषण
पियाजे का संज्ञानात्मक विकास 6 में से 3 REET परीक्षाओं में पूछा गया है (50% आवृत्ति), जो इसे REET की तैयारी के लिए मध्यम-प्राथमिकता वाला विषय बनाता है।
इस विषय से पूछे गए 3 प्रश्नों में से 1 आसान, 2 मध्यम, और 0 कठिन स्तर के थे।
यह विषय आखिरी बार REET 2025 में पूछा गया था और पहली बार REET 2022 में आया था।
पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत बताता है कि बच्चों की सोच चार विशिष्ट चरणों से कैसे विकसित होती है। इन चरणों को समझना REET के लिए आवश्यक है क्योंकि यह बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्नों का आधार है। REET परीक्षा में पियाजे से संबंधित प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।
3 इस विषय के प्रश्न
2024Level 1MediumAsked 8x
पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बालक ठोस घटनाओं के बारे में तार्किक रूप से सोचने की क्षमता विकसित करता है?
2022Level 1EasyAsked 7x
पियाजे के अनुसार, वस्तु स्थायित्व किस आयु में विकसित होता है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के 4 चरण कौन से हैं?
चार चरण हैं: संवेदी-पेशीय (0-2 वर्ष), पूर्व-संक्रियात्मक (2-7), मूर्त संक्रियात्मक (7-11), और औपचारिक संक्रियात्मक (11+)। प्रत्येक चरण बच्चों की सोच में गुणात्मक बदलाव दर्शाता है।
REET परीक्षा में पियाजे कितनी बार पूछा जाता है?
पियाजे का सिद्धांत लगभग हर REET परीक्षा में आता है। यह बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में सबसे अधिक बार पूछे जाने वाले विषयों में से एक है, 2015 से 10 में से 8 पेपरों में पूछा गया।
पियाजे और वाइगोत्स्की में क्या अंतर है?
पियाजे का मानना था कि विकास सीखने से पहले आता है। वाइगोत्स्की का मानना था कि सीखना विकास को आगे बढ़ाता है — सामाजिक अंतःक्रिया और मार्गदर्शन समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) के माध्यम से विकास को तेज कर सकते हैं।